बुजुर्गों के लिए अंतर्राष्ट्रीय दिवस,अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस
वृद्धों का सम्मान करे, अपना जीवन सफल बनाये,
उनके ग्यान अनुभव और आर्शिवाद से महान बन जाये |
प्रत्येक वर्ष 1 अक्तूबर को अंतर्राष्ट्रीय वृध्द दिवस के रूप में मनाया जाता है इसको मनाने का मुख्य उद्देश्य वृद्धों के प्रति सद्भाव रखना तथा उनकी देखभाल करना तथा समाज और युवा पीढ़ी को मार्ग दर्शन एवं सही दिशा दिखाने के लिए किए गए कार्य को सम्मान देने के लिये है |
इसको मनाने की परंपरा 1990 से संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा प्रारंभ की गई |
इस अवसर पर अपने वृद्ध जनों का सम्मान एवं उनके साथ संबंधो के बारे में चिन्तन करने के लिए प्रेरित होना चाहिए
हर घर में वृद्ध ज़न होते हैं जो एक परिवार को परिवार बनाकर रखते हैं, वे अपने ग्यान, अनुभव आदि से पूरे परिवार को संगठित बनाये रखते हैं |
वृद्धों की उचित देखभाल की जानी चाहिए, उनके स्वास्थ्य का विशेष ख्याल रखना चाहिए, उनकी आवश्यकताओं की पूर्ति की जाए, उनको यही समय होता है जो पूरे जीवन में सुखमय बीत सकता है लेकिन ऎसा नहीं होता है जो उनके दुःख का कारण बनता है
वृद्धों का अनुभव
आज के इस युग में वृद्धों के साथ उतना उचित व्यवहार नहीं किया जाता है जितना होना चाहिए, वृद्धों के साथ कई तरह से दुर्व्यवहार किया जाता है जो कि उनके साथ नहीं होना चाहिए, वृद्धों के दुःखी होने का एक महत्वपूर्ण कारण यह भी है कि उनके पास अपने कई सालो और यू कहे तो दशकों का अनुभव होने के बाद भी कोई नहीं सुनना चाहता, जबकि उसके पास जीवन की संजीवनी हैं जो युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक है |
हर कोई यही समझता है कि वृद्ध किसी कार्य के लिए नहीं है जबकि यह भी सत्य है कि प्रत्येक व्यक्ति को वृद्ध होना है फिर भी वृद्ध लोगों की उपेक्षा की जाती है |
वृद्ध ही तो मनुष्य के जीवन का आधार होते हैं जिन्होंने हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है लेकिन फिर भी उनकी उपेक्षा की जाती है |



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