भारतीय शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक 2019
नमस्कार मित्रों,
नीति आयोग ने हाल ही में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा के लिए शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक जारी किये हैं |
जारी करने का उद्देश्य -
इन सूचकांकों को जारी करने का मुख्य उद्देश्य राज्यों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने की स्पर्धा को बढावा देना है, हालांकि ये भी सोचने बाली बात है कि राज्य स्वम उन व्यवस्थाओं की ओर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं जो किसी भी व्यक्ति के लिए, किसी भी देश के विकास के लिए अति आवश्यक है जो कि व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता है|
इन सूचकांकों को दो भागों में जारी किया गया है, बड़े राज्य एवं छोटे राज्य के रूप में, 20 बड़े राज्यों की सूची में UP को शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक में सबसे खराब राज्य का दर्जा दिया गया है जबकि केरल को पहला, राजस्थान को दूसरा और कर्नाटक को तीसरा सबसे अच्छा राज्य घोषित किया गया है|
हालांकि, लगातार सुधार रैंकिंग के मामले में उत्तर प्रदेश को तीसरा स्थान मिला है | इसमे पहला स्थान हरियाणा को जबकि दूसरा स्थान असम को मिला है|
आवश्यकता
UP सरकारी स्कूलों में भारी शिक्षकों की कमी के बावजूद सरकार कोई उचित कदम नहीं उठा रही है जिसका ताज़ा नतीजा UP 69000 शिक्षक भर्ती है जो लगभग 9 महीने से ज्यादा समय से कोर्ट में लंबित है और बच्चों की शिक्षा के कोई इंतजाम नहीं है सोचिए पूरी एक पीढ़ी की शिक्षा गर्त में चली गई, लाखो बच्चों का एक साल का भविष्य बर्बाद होता दिखाई दे रहा है|
आपकी सहभागिता-
सोचिए अगर आने वाली पूरी नई पीढ़ी शिक्षा पाने में असमर्थ हो गयी तो क्या कोर्ट का मतलब और क्या सरकार का जिसके बारे Up सरकार को 9 महीने सिर्फ सोचने में लग गए क्या होगा इन बच्चों के भविष्य का |
नमस्कार मित्रों,
नीति आयोग ने हाल ही में स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा के लिए शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक जारी किये हैं |
जारी करने का उद्देश्य -
इन सूचकांकों को जारी करने का मुख्य उद्देश्य राज्यों के बीच शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने की स्पर्धा को बढावा देना है, हालांकि ये भी सोचने बाली बात है कि राज्य स्वम उन व्यवस्थाओं की ओर ज्यादा ध्यान नहीं दे रहे हैं जो किसी भी व्यक्ति के लिए, किसी भी देश के विकास के लिए अति आवश्यक है जो कि व्यक्ति की मूलभूत आवश्यकता है|
इन सूचकांकों को दो भागों में जारी किया गया है, बड़े राज्य एवं छोटे राज्य के रूप में, 20 बड़े राज्यों की सूची में UP को शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक में सबसे खराब राज्य का दर्जा दिया गया है जबकि केरल को पहला, राजस्थान को दूसरा और कर्नाटक को तीसरा सबसे अच्छा राज्य घोषित किया गया है|
हालांकि, लगातार सुधार रैंकिंग के मामले में उत्तर प्रदेश को तीसरा स्थान मिला है | इसमे पहला स्थान हरियाणा को जबकि दूसरा स्थान असम को मिला है|
आवश्यकता
UP सरकारी स्कूलों में भारी शिक्षकों की कमी के बावजूद सरकार कोई उचित कदम नहीं उठा रही है जिसका ताज़ा नतीजा UP 69000 शिक्षक भर्ती है जो लगभग 9 महीने से ज्यादा समय से कोर्ट में लंबित है और बच्चों की शिक्षा के कोई इंतजाम नहीं है सोचिए पूरी एक पीढ़ी की शिक्षा गर्त में चली गई, लाखो बच्चों का एक साल का भविष्य बर्बाद होता दिखाई दे रहा है|
आपकी सहभागिता-
सोचिए अगर आने वाली पूरी नई पीढ़ी शिक्षा पाने में असमर्थ हो गयी तो क्या कोर्ट का मतलब और क्या सरकार का जिसके बारे Up सरकार को 9 महीने सिर्फ सोचने में लग गए क्या होगा इन बच्चों के भविष्य का |

0 comments:
Post a Comment